- See more at: http://www.exeideas.com/2012/02/all-in-one-seo-pack-plugin-for-blogger.html#sthash.2pBQRpeH.dpuf
Showing posts with label POEM ON covid19. Show all posts
Showing posts with label POEM ON covid19. Show all posts

Saturday, March 28, 2020

तुम घर से बाहर क्यों निकलते हो.....................

तुम घर से बाहर क्यों निकलते हो , खुद का छोड़ो अपनों का ख्याल तुम क्यों नहीं रखते हो |
बेटी -बीवी से बहुत प्यार करते हो ,फिर भी बाहर निकलकर कोरोना (CORONA ) का तोहफ़ा लाते हो | 
तुम घर से बाहर क्यों निकलते हो..................... 

सुना था ,घर वालों के साथ समय बिताना चाहते हो , जब मौका मिला है तो घर से बाहर निकल जाते हो | 
दवा के बदले कोरोना घर में लाते हो , अपनों को ही तुम मौत की नींद सुला देना चाहते हो | 
अपनों को ही कंधा नहीं दे पाते हो ,थमी हुई सांसे जब कोरोना ग्रसित की अस्पताल में पाते हो | 
तुम घर से बाहर क्यों निकलते हो.....................

सॉंस लेने को जगह रहती नहीं जिन दुकानों  में, उनके भी शटर बंद हो जाते है | 
ताले ,मंदिर -मस्जिद में लग जाते है , जब कोरोना के पाँव पसर जाते है | 
तुम घर से बाहर क्यों निकलते हो.....................
तुम घर से बाहर क्यों निकलते हो.....................

                                                                                                   -सियाराम विश्वकर्मा